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संसद में कल से 'महा-संग्राम': वक्फ संशोधन बिल पर आर-पार की जंग के आसार, 'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर सस्पेंस

Parliament Session 2025
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संसद का 'सुपर-शो': वक्फ बिल, अडानी विवाद और वन नेशन इलेक्शन पर संग्राम के पूरे आसार

शीतकालीन सत्र विश्लेषण: 25 नवंबर से शुरू हो रही सियासी जंग के 5 बड़े मोर्चे

✍️ DyGrow Political Desk 🕒 24 Nov 2025

नई दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्र कल (25 नवंबर) से शुरू हो रहा है, लेकिन इसकी गर्मी अभी से महसूस की जा सकती है। हाल ही में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन (महायुती) की ऐतिहासिक जीत ने सरकार के हौसले बुलंद कर दिए हैं, वहीं विपक्ष 'अडानी घूसकांड' को हथियार बनाकर सरकार को बैकफुट पर धकेलने की रणनीति बना चुका है।

20 दिसंबर तक चलने वाले इस सत्र में कुल 19 बैठकों का प्रस्ताव है। आइये विस्तार से जानते हैं कि इस बार संसद में किन 3 बड़े मुद्दों पर 'महाभारत' होने वाली है।


1. वक्फ संशोधन बिल: सबसे बड़ा टकराव 🕌

इस सत्र का सबसे विस्फोटक मुद्दा 'वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024' है। यह बिल फिलहाल संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास है। जेपीसी के अध्यक्ष जगदंबिका पाल इस सत्र के पहले हफ्ते में ही अपनी रिपोर्ट संसद में पेश कर सकते हैं।

विवाद क्यों है? (Deep Analysis)

विपक्ष और मुस्लिम संगठनों का आरोप है कि सरकार वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करना चाहती है। बिल में प्रस्ताव है कि:

  • किसी संपत्ति को 'वक्फ' घोषित करने का अंतिम अधिकार कलेक्टर (District Collector) के पास होगा, न कि वक्फ बोर्ड के पास।
  • सेंट्रल वक्फ काउंसिल में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करना अनिवार्य होगा।
  • 'जुबानी वक्फ' (Waqf by User) की मान्यता खत्म की जा सकती है।

2. अडानी ग्रुप पर अमेरिकी आरोप: विपक्ष का ब्रह्मास्त्र 📉

शीतकालीन सत्र के ठीक पहले अमेरिका से आई एक खबर ने भारतीय राजनीति में भूचाल ला दिया है। अमेरिकी कोर्ट ने गौतम अडानी पर कथित तौर पर रिश्वत देने और निवेशकों को गुमराह करने के आरोप लगाए हैं।

सदन में क्या होगा?

  • कांग्रेस और राहुल गांधी पहले दिन से ही JPC (संयुक्त संसदीय समिति) जांच की मांग कर रहे हैं।
  • विपक्ष का प्लान है कि जब तक सरकार चर्चा के लिए तैयार नहीं होती, सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी जाएगी।
  • दूसरी ओर, सरकार इसे "निजी कंपनी का मामला" बताकर पल्ला झाड़ सकती है।

3. 'वन नेशन, वन इलेक्शन': मोदी सरकार का मास्टरस्ट्रोक? 🗳️

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में फिर दोहराया है कि देश को "बार-बार चुनावों" से मुक्ति मिलनी चाहिए। चर्चा है कि सरकार इस सत्र में इस बिल को पेश करके सबको चौंका सकती है।

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की कमेटी ने सुझाव दिया है कि लोकसभा और सभी विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाएं। हालांकि, इसके लिए संविधान में कम से कम 5 बड़े संशोधन करने होंगे, जिसके लिए सरकार को विपक्ष के सहयोग की भी ज़रूरत पड़ेगी।

📋 अन्य महत्वपूर्ण बिल:

वक्फ और चुनाव के अलावा सरकार 'डिजास्टर मैनेजमेंट बिल' और 'रेलवे संशोधन बिल' भी पास कराने की कोशिश करेगी।

"महाराष्ट्र की जीत से भाजपा जोश में है, लेकिन अडानी का मुद्दा विपक्ष को एकजुट कर रहा है। देखना होगा कि कल से संसद बहस का केंद्र बनती है या हंगामे की भेंट चढ़ती है।"


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