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अयोध्या हाई-अलर्ट: रामनगरी बनी 'अभेद्य किला', ध्वजारोहण से पहले NSG-CRPF का पहरा और एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात

अयोध्या: रामनगरी बनी अभेद्य किला, ध्वजारोहण से पहले 'हाई-सिक्योरिटी ज़ोन' में तब्दील हुआ परिसर

📍 अयोध्या (संवाददाता) | DyGrow News Desk

प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या एक बार फिर एक ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनने जा रही है। राम जन्मभूमि परिसर में आयोजित होने वाले भव्य ध्वजारोहण कार्यक्रम के मद्देनजर, पूरी रामनगरी को एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है।

प्रशासन ने सुरक्षा के इतने कड़े इंतज़ाम किए हैं कि 'परिंदा भी पर न मार सके'। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र और उसके आसपास के इलाके को 'हाई-सिक्योरिटी ज़ोन' घोषित कर दिया गया है। इस महत्वपूर्ण आयोजन को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने जल, थल और नभ तीनों स्तरों पर मोर्चा संभाल लिया है।


🛡️ तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा (Three-Layer Security Cordon)

अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था को मुख्य रूप से तीन भागों में बांटा गया है: रेड ज़ोन, यलो ज़ोन और ग्रीन ज़ोन।

1. रेड ज़ोन (राम जन्मभूमि परिसर):

यह सबसे संवेदनशील और आंतरिक सुरक्षा घेरा है। गर्भगृह और मुख्य समारोह स्थल इसी ज़ोन में आते हैं।

  • कमांडो तैनाती: यहाँ की सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के विशिष्ट दस्तों के पास है। इसके अतिरिक्त, NSG और यूपी ATS के स्नाइपर्स को रणनीतिक ऊंचाइयों और इमारतों पर तैनात किया गया है।
  • सख्त प्रवेश: इस क्षेत्र में केवल विशिष्ट पास धारकों और कार्यक्रम से जुड़े अति-आवश्यक व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति है। हर व्यक्ति को मल्टी-लेयर फ्रिस्किंग (सघन तलाशी) से गुजरना पड़ रहा है।

2. यलो ज़ोन (परिसर के बाहरी इलाके):

रेड ज़ोन के बाहर का इलाका, जिसमें हनुमानगढ़ी और आसपास के प्रमुख मार्ग शामिल हैं, यलो ज़ोन में आता है।

  • यहाँ यूपी पुलिस और पीएसी (PAC) के सशस्त्र जवान बड़ी संख्या में तैनात हैं।
  • रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की टुकड़ियां लगातार फ्लैग मार्च कर रही हैं ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।

3. ग्रीन ज़ोन (बाहरी अयोध्या):

शहर के प्रवेश द्वार और बाहरी हिस्से ग्रीन ज़ोन में हैं, जहाँ वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है।

👁️‍🗨️ आसमान से ज़मीन तक हाई-टेक निगरानी

सुरक्षा व्यवस्था में केवल जनबल ही नहीं, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक का भी भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है:

  • एंटी-ड्रोन सिस्टम (Anti-Drone System): किसी भी प्रकार के हवाई खतरे से निपटने के लिए राम जन्मभूमि परिसर के आसपास एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं। बिना अनुमति कोई भी ड्रोन उड़ते ही मार गिराया जाएगा।
  • AI सर्विलांस (AI Surveillance): पूरे मेला क्षेत्र और प्रमुख मार्गों को हाई-रिज़ॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरों से पाट दिया गया है। ये कैमरे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फेशियल रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली तकनीक) से लैस हैं, जो संदिग्ध व्यक्तियों की तुरंत पहचान कर कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजते हैं।
  • सरयू में गश्त: जल पुलिस और SDRF की टीमें मोटरबोट के जरिए सरयू नदी में लगातार गश्त कर रही हैं।

📢 ट्रैफिक डायवर्जन और श्रद्धालुओं के लिए निर्देश

कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए शहर की यातायात व्यवस्था में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। भारी वाहनों का प्रवेश शहर में प्रतिबंधित कर दिया गया है।

यात्री कृपया ध्यान दें: प्रशासन ने स्थानीय लोगों और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा जांच में पुलिस का सहयोग करें और अपने साथ वैध पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) अवश्य रखें।

खुफिया एजेंसियां (IB और LIU) भी हाई अलर्ट पर हैं और होटलों, धर्मशालाओं व रेलवे स्टेशनों पर संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नज़र रखी जा रही है। कुल मिलाकर, ध्वजारोहण के इस पावन अवसर पर अयोध्या सुरक्षा के लिहाज से पूरी तरह मुस्तैद और तैयार है।

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